इस श्रंख्ला मे जीवन मे बीमा का महत्व जानने के लिए हम एक कहानी का सहारा लेते है। आप सब ने 3 ईडियटस फिल्म तो देखी होगी। हमारी कहानी फिल्म खत्म होने के बाद शुरू होती है फिल्म मे दिखाया कि तीनो दोस्त मिलते है और फिल्म खत्म हो जाती है। उसके बाद क्या होता है मै बताता हूँ।
तीनो अपने अपने कामो मे व्यस्त हो जाते है कि एक दिन प्रिया रणछोण दास और उसके दोनो दोस्तो से कहती है कि कमाते बहुत दिन हो गए अब कुछ भविष्य के लिए बचाना भी चाहिए। यह बात तीनो को अच्छी लगती है
राजु अपने परिवार कि हालत देख कर भविष्य के लिए बैंक मे फिक्स डेपौजिट खोल देता है और प्रति वर्ष एक लाख रू जमा करने लगता है।
फरहान के पिता जी मुचवल फंड मे निवेश की सलाह देते है और फरहान प्रति वर्ष एक लाख रू मुचवल फंड मे निवेश करने लगता है और रणछोण दास अपने सीने पर हाथ रख कर कहता है आल इज वेल और एल ई सी की जीवन बीमा पौलसी खरीद लेता है जिसकी बीमा राशी 40 लाख निर्धरित करता है। जिसके लिए प्रति वर्ष केवल 13 हजार रू की राशि ही देता है।
तीनो दोस्त अपने अपने जीवन को सुक्षित महसूस करते है अपना जीवन आनंद से बिताने लगते है।
पाँच साल के बाद एक बार फिर यह तीनो दोस्त मिलते है तभी यह तीनो का अमर नाथ यात्रा का प्रोग्राम बनता है। इस द्रुगम यात्रा का सब सामान ले कर चलने का दिन निश्चित हो जाता है। रणछोण दास कहता है कि पैदल के रास्ते चलैगे और यात्रा का पूरा मजा उठाऐगे लेकिन राजु और फरहान के पास समय की कमी होने के कारण हैलीकाप्टर से जाना निश्चित होता है। यह तीनो सकुशल श्री अमर नाथ जी के दर्शन करने के बाद वापसी के समय द्रुभाग्य से उन तीनो का हैलीकाप्टर द्रुध्टना ग्रस्त हो जाता है और इस द्रुध्टना मे कोई नही बचता।
अब उनके परिवार का क्या होगा क्यो कि परिवार मे कमाने वाला ही नही रहा।
राजु के परिवार को पाँच साल की एफ डी के साडे छे लाख की राशि मिलती है
क्या यह राशि राजु के बुडे माँ बाप के लिए प्रयाप्त होगी ?
फरहान के परिवार को म्युच्वल फंड से केवल पाँच लाख रू ही मिल पाते है क्यो कि यह तो मार्किट पर निर्भर रहता है और उस समय मार्कित अनुकुल नही थी।
लेकिन प्रिया जो रणछोण दास की पत्नी है उसको एल ई सी पूरे 80 लाख रू देती है क्यो कि रणछोण दास की म्रत्यु द्रुध्टना मे हुई थी। जब की रणछोण दास ने तो पाँच सालो मे केवल 65 हजार रू अदा किए थे।
अब रणछोण दास का बीमा ऐजंट प्रिया को सलाह देता है कि यह यह पैसा एल ई सी की पैंशन योजना मे डाल दे और आजीवन पैंशन की सुविघा प्राप्त करे। प्रिया बात मान लेती है और उसको एल ई सी 44200 रु हर महिने की पेंशन न्रिधारित करती है और प्रिया के न रहने पर उसके नामनी को सारे पैसे वापस भी मिल जाऐगे।
अब आप ही सोच सकते है कि तीनो दोस्तो मे से किसने अपने परिवार को सुर्क्षित किआ।
जीवन मे बीमा का महत्व पहचाने और खुद को और अपने परिवार को आज ही सुर्क्षित करे
तीनो अपने अपने कामो मे व्यस्त हो जाते है कि एक दिन प्रिया रणछोण दास और उसके दोनो दोस्तो से कहती है कि कमाते बहुत दिन हो गए अब कुछ भविष्य के लिए बचाना भी चाहिए। यह बात तीनो को अच्छी लगती है
राजु अपने परिवार कि हालत देख कर भविष्य के लिए बैंक मे फिक्स डेपौजिट खोल देता है और प्रति वर्ष एक लाख रू जमा करने लगता है।
फरहान के पिता जी मुचवल फंड मे निवेश की सलाह देते है और फरहान प्रति वर्ष एक लाख रू मुचवल फंड मे निवेश करने लगता है और रणछोण दास अपने सीने पर हाथ रख कर कहता है आल इज वेल और एल ई सी की जीवन बीमा पौलसी खरीद लेता है जिसकी बीमा राशी 40 लाख निर्धरित करता है। जिसके लिए प्रति वर्ष केवल 13 हजार रू की राशि ही देता है।
तीनो दोस्त अपने अपने जीवन को सुक्षित महसूस करते है अपना जीवन आनंद से बिताने लगते है।
पाँच साल के बाद एक बार फिर यह तीनो दोस्त मिलते है तभी यह तीनो का अमर नाथ यात्रा का प्रोग्राम बनता है। इस द्रुगम यात्रा का सब सामान ले कर चलने का दिन निश्चित हो जाता है। रणछोण दास कहता है कि पैदल के रास्ते चलैगे और यात्रा का पूरा मजा उठाऐगे लेकिन राजु और फरहान के पास समय की कमी होने के कारण हैलीकाप्टर से जाना निश्चित होता है। यह तीनो सकुशल श्री अमर नाथ जी के दर्शन करने के बाद वापसी के समय द्रुभाग्य से उन तीनो का हैलीकाप्टर द्रुध्टना ग्रस्त हो जाता है और इस द्रुध्टना मे कोई नही बचता।
अब उनके परिवार का क्या होगा क्यो कि परिवार मे कमाने वाला ही नही रहा।
राजु के परिवार को पाँच साल की एफ डी के साडे छे लाख की राशि मिलती है
क्या यह राशि राजु के बुडे माँ बाप के लिए प्रयाप्त होगी ?
फरहान के परिवार को म्युच्वल फंड से केवल पाँच लाख रू ही मिल पाते है क्यो कि यह तो मार्किट पर निर्भर रहता है और उस समय मार्कित अनुकुल नही थी।
लेकिन प्रिया जो रणछोण दास की पत्नी है उसको एल ई सी पूरे 80 लाख रू देती है क्यो कि रणछोण दास की म्रत्यु द्रुध्टना मे हुई थी। जब की रणछोण दास ने तो पाँच सालो मे केवल 65 हजार रू अदा किए थे।
अब रणछोण दास का बीमा ऐजंट प्रिया को सलाह देता है कि यह यह पैसा एल ई सी की पैंशन योजना मे डाल दे और आजीवन पैंशन की सुविघा प्राप्त करे। प्रिया बात मान लेती है और उसको एल ई सी 44200 रु हर महिने की पेंशन न्रिधारित करती है और प्रिया के न रहने पर उसके नामनी को सारे पैसे वापस भी मिल जाऐगे।
अब आप ही सोच सकते है कि तीनो दोस्तो मे से किसने अपने परिवार को सुर्क्षित किआ।
जीवन मे बीमा का महत्व पहचाने और खुद को और अपने परिवार को आज ही सुर्क्षित करे
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